अवैधानिक परिवहन से पकड़े गए पशुओं की व्यवस्था कैसे करें: अरका परवा
रिपोर्ट: डॉ आर.बी. चौधरी पूर्व प्रधान संपादक एवं मीडिया हेड, भारत सरकार 14 मार्च 2019 ; रांची (झारखंड) राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड झारखंड के तृतीय दो दिवसीय प्रशिक्षण में कोलकाता से आए अरका परवा ने बताया कि अवैधानिक परिवहन और तस्करी से पशुओं को छुड़ाने की जितनी बड़ी चुनौती पशु कल्याण कार्यकर्ता को छुड़ाने की होती है उससे अधिक चुनौती पकड़े गए पशु की सुपुर्दगी पर होती है क्योंकि उस समय सवाल खड़ा होता है बचाए गए पशुओं के दाना-पानी प्रबंधन और उनके रखरखाव का। उन्होंने कहा कि पशु कल्याण कार्यकर्ताओं को यह समझ लेना चाहिए कि पशु मालिक का मतलब क्या है। जिससे पशु खरीदा गया,जो व्यक्ति अवैध परिवहन के दौरान पकड़ा गया और इस प्रक्रिया के अंतिम चरण तक शामिल सभी लोग पशु के स्वामी के श्रेणी में आते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि पशु ढोने वाले वाहन का मालिक, पशु बेचने वाला से लेकर खरीदने वाला मालिक है। साथ ही पशु परिवहन में शरीक ड्राइवर और खलासी भी मालिक की श्रेणी में आते हैं। उन्होंन...